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क्यों क्रिप्टोकरंसी को ख़तम करना मुमकिन नहीं है ?

2022 में ऊंची ब्याज दरों से क्रिप्टो की कीमतों में भारी गिरावट आई। 11 दिसंबर को बिटकॉइन 45,000 डॉलर (37.5 लाख रुपए) के दो साल के उच्चतम स्तर पर था, जो साल की शुरुआत में 16,600 डॉलर (13.8 लाख रुपए) के आसपास आ गया था। इसके बाद तगड़ा बाउंसबैक हुआ।

इन कारणों से दुनिया में खत्म नहीं होगी क्रिप्टोकरंसी

  1. टेक्नोलॉजीः क्रिप्टो की ताकत टेक्नोलॉजी है। बिटकॉइन, ईथर और अन्य क्रिप्टो कॉइन कंपनियां नहीं हैं, जो दिवालिया या बंद नहीं हो सकतीं हों। ये मजबूत ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के प्रोडक्ट हैं, जो लेनदेन का डेटाबेस बनाए रखते हैं। इनकी लिस्ट कम्प्यूटरों के डी- सेंट्रलाइज्ड नेटवर्क से वेरिफाइड होती है। इन टोकन की वैल्यू शून्य होने पर ही यह पूरा आर्किटेक्चर ध्वस्त हो सकता है। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।
  2. आक्रामक प्रचार-प्रसारः उछाल के दौर में क्रिप्टो इंडस्ट्री ने प्रचार-प्रसार पर ढेर सारा पैसा खर्च किया। आज हजारों स्मार्ट सोशल मीडिया कंटेंट डेवलपर इंडस्ट्री के लिए काम करते हैं। ये बताते हैं कि कैसे क्रिप्टोकरंसी की माइनिंग, ट्रेडिंग और इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. व्यापक बाजारः हर उछाल और गिरावट के चक्र में ये साबित हो चुका है कि क्रिप्टो 1630 के दशक के ट्यूलिप मैनिया की तरह बबल नहीं है। हालांकि बिटकॉइन एक वोलैटाइल (वैल्यू में भारी उछाल और गिरावट) एसेट है, लेकिन इसका को-रिलेशन टेक स्टॉक के साथ और व्यापक बाजार के साथ बढ़ चुका है। ये तब हो रहा है, जब सबसे बड़े और दूसरे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों के संस्थापक चांगपेंग झाओ और सैम बैंकमैन-फ्राइड, मनी लॉन्ड्रिंग कानून और फ्रॉड के लिए सजा का इंतजार कर रहे हैं।
  4. कानूनी समर्थनः बिटकॉइन ने खुद को एक मान्य एसेट के रूप में स्थापित कर लिया है। अगस्त में एक अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया कि बिटकॉइन में निवेश किए गए 17 अरब डॉलर के ट्रस्ट को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में बदलने के एक निवेश फर्म ग्रेस्केल के प्रयास को खारिज करने का सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन का फैसला मनमाना था। इसके बाद ब्लैकरॉक और फिडेलिटी समेत सबसे बड़े फंड मैनेजरों ने भी इंटीएफ लॉन्च करने के लिए आवेदन किया है। अगर बिटकॉइन का ईटीएफ बना तो सट्टेबाजों के लिए बिटकॉइन में निवेश आसान हो जाएगा।
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